हाल-ऐ-ब्यान

अलफ़ाज़ मुश्ताक है , और हाल बयान हुए ना ,कुछ सिहर गया दिल में , जो कभी बयान हुआ ना…

जिंदगी ।।।

ज़िन्दगी तू भी मेरे महबूब जैसी है, दुःख है जब उनका हसीन चेहरा,जुल्फों में छुपा है, उन्हें हटाने को ये…

इश्क

वो सोचते हैं कि शायद वो आखिरी तलाश हैं । वक्त में लिपटे गमों का शायद वो ही इलाज है…